29 जुलाई 2026
बंगाल की खबरें, दुनिया की नज़र में
ताज़ा खबर
নীল ব্রালেট লুকে ভাইরাল ত্রিধা চৌধুরী, মুগ্ধ অনুরাগীরা হাওড়ায় চলন্ত বাসে তাণ্ডব, যাত্রীদের প্রতিরোধে ধরা দুষ্কৃতী রাজ্য পুলিশে ১ লক্ষ নিয়োগের ঘোষণা, রেশন ভাতা বৃদ্ধি, ভবানী ভবন থেকে একগুচ্ছ বড় সিদ্ধান্ত বৃষ্টিতে ভেস্তে যাচ্ছে সমুদ্র-ছুটি, হোটেলবন্দি দিঘার পর্যটকেরা, কবে কাটবে অপেক্ষা? মেদিনীপুরে বুলডোজার অভিযান, ফুটপাত দখল করে গড়ে ওঠা তৃণমূল পার্টি অফিস ভাঙল প্রশাসন
कोलकाता

सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 6 महीने में आएगी, वेतन कब बढ़ेगा? जानें राज्य सरकार की योजना

लेखक Editor - Bengal News Net २६ बार पढ़ा गया ३ मिनट पढ़ें
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 6 महीने में आएगी, वेतन कब बढ़ेगा? जानें राज्य सरकार की योजना

**कोलकाता:** राज्य सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा घोषणा की है। महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने के बाद अब **सातवें वेतन आयोग (Seventh Pay Commission)** का औपचारिक रूप से गठन किया गया है। सरकार के इस निर्णय से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में नई आशा का संचार हुआ है। वित्त विभाग ने पहले ही आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।


इससे पहले मुख्यमंत्री **शुभेंदु अधिकारी** ने बताया था कि **वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लक्ष्य** के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह आयोग गठन एक महत्वपूर्ण कदम है।


## चार सदस्यीय उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति


राज्यपाल **आर एन रवि** ने आयोग के गठन की मंजूरी दी है। आयोग में चार सदस्यीय एक विशेषज्ञ समिति है।


समिति के सदस्य हैं—


* **अध्यक्ष:** सेवानिवृत्त आईएएस **अतनु चक्रवर्ती**, पूर्व आर्थिक मामलों के सचिव, केंद्रीय वित्त मंत्रालय।

* **सदस्य:** डॉ. **पार्थ मुखोपाध्याय**, नीति अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ शोधकर्ता।

* **सदस्य:** डॉ. **पार्थ प्रतिम पाल**, आईआईएम कोलकाता के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर।

* **सदस्य-सचिव:** आईएएस **देवी प्रसाद करनम**, पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग के सचिव।


## आयोग किन मुद्दों की समीक्षा करेगा?


सरकारी अधिसूचना के अनुसार, आयोग राज्य सरकारी कर्मचारियों के वर्तमान **वेतन संरचना, महंगाई भत्ता (डीए), विभिन्न विशेष भत्ते, यात्रा भत्ता, पदोन्नति नीति, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों** की विस्तृत समीक्षा करेगा।


इसके अलावा आयोग की जिम्मेदारी होगी—


* सरकारी कर्मचारियों, बोर्ड और निगम के कर्मचारियों के वेतन संरचना की समीक्षा।

* वर्तमान वेतन और भत्तों की जांच करके आवश्यक परिवर्तनों की सिफारिश।

* कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) को सुधारने के लिए प्रस्ताव देना।

* नए वेतन संरचना में कर्मचारियों के प्रारंभिक वेतन निर्धारित करने की प्रक्रिया की सिफारिश करना।

* पेंशनभोगियों की पेंशन संशोधन प्रक्रिया पर राय देना।


## छह महीने के भीतर रिपोर्ट जमा करनी होगी


सरकार ने आयोग को **छह महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट जमा करने का निर्देश** दिया है। आयोग सिफारिशें तैयार करते समय **केंद्रीय सरकार की वेतन संरचना, अन्य राज्यों के वेतन आयोग की सिफारिशें, राज्य की वित्तीय क्षमता, आय-व्यय की स्थिति और आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें** भी ध्यान में रख सकता है।


## बढ़ा हुआ वेतन कब मिल सकता है?


वर्तमान में आयोग का गठन किया गया है और अगले **छह महीने के भीतर रिपोर्ट जमा करने की बात** है। इसके बाद राज्य सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करके अनुमोदन करेगी, तब नया वेतन संरचना लागू होगा। इसलिए, **बढ़ा हुआ वेतन कब से लागू होगा, यह आयोग की रिपोर्ट और सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।** सरकार वर्तमान वित्तीय वर्ष में नए वेतन संरचना को लागू करने का लक्ष्य रखती है, लेकिन औपचारिक कार्यान्वयन का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है।


सरकारी कर्मचारी अब आयोग की सिफारिशों और सरकार के अगले निर्णय की ओर देख रहे हैं।

संबंधित समाचार