बक्सा के जंगल में बाघ की वापसी, गांधी जयंती पर अलीपुरद्वार में ऐतिहासिक क्षण
**अलीपुरद्वार, 2 अक्टूबर:** लंबी प्रतीक्षा का अंत। गांधी जयंती के विशेष दिन पर बक्सा टाइगर रिजर्व में एक बाघ की वापसी हुई। शुक्रवार को लगभग तीन साल की एक बाघिन को बक्सा टाइगर रिजर्व के जंगल में प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा गया। इस घटना के चारों ओर अलीपुरद्वार में एक विशेष माहौल बना हुआ है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और वन मंत्री मनोज उरांव की उपस्थिति में बाघिन को बक्सा जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की गई। बाघिन को लगभग 2.2 हेक्टेयर के प्राकृतिक घेराटोप में रखा गया था। वहीं से उसे बक्सा टाइगर रिजर्व के वातावरण में छोड़ा गया।
इस दिन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राजाभातखावा गेट के माध्यम से बक्सा जंगल में प्रवेश करते हैं। लगभग एक घंटे जंगल के अंदर रहने के बाद, वह अलीपुरद्वार शहर के परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होते हैं। वहां मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी और वन विभागों के स्टॉल भी देखे।
बक्सा जंगल में बाघ की उपस्थिति ने प्रकृति प्रेमियों और स्थानीय लोगों के बीच उत्साह पैदा किया है। लंबे समय बाद बक्सा टाइगर रिजर्व में बाघ को वापस लाने की इस पहल ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति नए सिरे से रुचि पैदा की है।