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पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश मान रहा राज्य, बिना अनुमति फानूस उड़ाने पर रोक

लेखक Editor - Bengal News Net ४९ बार पढ़ा गया ६ मिनट पढ़ें
पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश मान रहा राज्य, बिना अनुमति फानूस उड़ाने पर रोक

**निजी संवाददाता, कोलकाता:** काली पूजा, दिवाली और छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पटाखे जलाने और फानूस उड़ाने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य प्रशासन ने कहा कि इस वर्ष त्योहारों की सभी तैयारियाँ सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार की जा रही हैं। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि बिना अनुमति फानूस या एयर बैलून उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


गुरुवार को नबान्न में गृह विभाग, पर्यावरण विभाग, पुलिस, दमकल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में एक संयुक्त प्रेस वार्ता हुई। वहीं त्योहारों के मौसम में पटाखे जलाने, प्रतिबंधित पटाखों के खिलाफ अभियान, फानूस उड़ाने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के कई कदमों की जानकारी दी गई।


### निर्धारित समय पर ही जलेंगे पटाखे


प्रेस वार्ता में राज्य के गृह सचिव संघमित्रा घोष ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनुमोदित 'ग्रीन क्रैकर्स' के अलावा कोई भी पटाखा इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार दिवाली की रात रात 8 बजे से 10 बजे तक और छठ पूजा के दिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति होगी।


प्रशासन ने आम लोगों से निर्धारित समय के बाहर पटाखे जलाने से बचने की अपील की है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और वायु व ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इन प्रतिबंधों को लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


### बिना अनुमति फानूस उड़ाने पर सख्त कार्रवाई


पटाखों के साथ-साथ राज्य सरकार ने फानूस और एयर बैलून उड़ाने को लेकर भी चेतावनी दी है। राज्य पुलिस के डीजी सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि फानूस और एयर बैलून उड़ाने के लिए तय नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति फानूस उड़ाने के कारण अतीत में कई दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं। उसी अनुभव से सीख लेते हुए इस वर्ष प्रशासन सुरक्षा के मामले में कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।


फानूस उड़ाने में नियमों का उल्लंघन हो रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ाई जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार की खुशी किसी भी तरह दुर्घटना या जनहानि का कारण न बने।


### केवल निर्धारित स्थानों पर लगेगा पटाखा बाज़ार


त्योहारों के मौसम में पटाखों की बिक्री को लेकर भी कई नियम लागू किए जा रहे हैं। सरकारी आदेश के अनुसार, निगम, नगरपालिका और पुलिस द्वारा चिह्नित सुरक्षित खुले स्थानों पर ही पटाखा बाज़ार लगाए जाएँगे। आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए बाज़ारों में दमकल के इंजन और एम्बुलेंस तैनात रखने की व्यवस्था भी की जाएगी।


प्रशासन का लक्ष्य पटाखों की बिक्री और उपयोग में सुरक्षा सुनिश्चित करना, और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित बचाव और इलाज की व्यवस्था करना है।


### ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की निर्धारित सीमा


ग्रीन क्रैकर्स की ध्वनि स्तर नियंत्रित करने से जुड़े दिशानिर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों की अधिकतम सीमा 125 डेसिबल और प्रकाश उत्पन्न करने वाले पटाखों के लिए 90 डेसिबल तय की गई है।


इसके अलावा अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और साइलेंस ज़ोन के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित बताया गया है। इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


विशेष रूप से अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण न फैले, इसके लिए पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


### क्यूआर कोड स्कैन कर हरे पटाखों की जांच की जा सकेगी


अनुमोदित ग्रीन क्रैकर्स की पहचान के लिए आम लोगों की सुविधा हेतु क्यूआर (QR) कोड के इस्तेमाल का मुद्दा भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सामने रखा है। बोर्ड की ओर से बताया गया है कि खरीदार अनुमोदित ग्रीन क्रैकर्स के पैकेट पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन करके पटाखे की वैधता की जांच कर सकेंगे।


इसलिए पटाखे खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी जांचने और केवल अनुमोदित पटाखों का उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी गई है। बहुमंजिला आवासों में रहने वालों से भी सतर्क रहने को कहा गया है, ताकि आग लगने या कोई अन्य दुर्घटना न हो।


### कोलकाता में 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद, एक गिरफ्तार


इस बीच अवैध पटाखों के खिलाफ पुलिस ने अभियान शुरू कर दिया है। कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके से 110 किलो प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए गए हैं। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। त्योहार से पहले अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभिन्न इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।


प्रशासन की ओर से बताया गया है कि निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, विशेष पुलिस गश्त और विभिन्न जिलों में निगरानी व्यवस्था सक्रिय रखी जाएगी। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री, भंडारण या उपयोग की शिकायत मिलते ही आवश्यक कदम उठाए जाएँगे।


### स्थिति पर कई विभाग मिलकर नज़र रखेंगे


प्रेस वार्ता में गृह सचिव संघमित्रा घोष, पर्यावरण विभाग के सचिव सौमित्र गुप्ता, राज्य पुलिस के डीजी सिद्धनाथ गुप्ता, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा, दमकल सेवा के डीजी मनोज शर्मा, दमकल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव खलील अहमद और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य-सचिव अशोक सिंह उपस्थित थे।


काली पूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण में रहे और कोई दुर्घटना न हो, इसके लिए संबंधित सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया। प्रशासन का संदेश है कि त्योहार की खुशी बनाए रखते हुए अदालती दिशानिर्देशों और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। नियम तोड़कर पटाखे जलाने या बिना अनुमति फानूस उड़ाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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