2016 के पुराने मामले में झारग्राम अदालत में पेश हुए दिलीप घोष, जिला परिषद में विकास पर भी बैठक
झारग्राम: राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष मंगलवार को 2016 के पुराने मामले में झारग्राम अदालत में पेश हुए। भड़काऊ बयान, अस्त्र अधिनियम सहित कई धाराओं में दर्ज इस मामले में उनके साथ तत्कालीन भाजपा राज्य समिति के सदस्य तुषार घोष भी अदालत में उपस्थित हुए। आरोपियों से पूछताछ के लिए इस दिन अदालत में पेशी की तारीख तय थी।
दिलीप घोष के वकील अर्चिस्मान सिन्हा ने बताया कि 10 दिसंबर 2016 को नयाग्राम निवासी सुमन साहू ने झारग्राम थाने में दिलीप घोष और तुषार घोष के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्त्र अधिनियम की धारा 25/27 और भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 505, 506 और 120B के तहत मामला दर्ज किया।
वकील के अनुसार, उस समय दिलीप घोष खड़गपुर के विधायक थे, इसलिए मामले की सुनवाई कोलकाता की सांसद-विधायक अदालत में शुरू हुई थी। बाद में मामला झारग्राम अदालत में स्थानांतरित हुआ। इससे पहले भी इस मामले में दो लोग अदालत में पेश हो चुके हैं। इस दिन झारग्राम जिला अदालत की जेएम अदालत में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया था। मामले की अगली सुनवाई की तारीख भी तय की गई है।
इस बीच, अदालत परिसर पहुंचते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूलों के गुलदस्ते देकर दिलीप घोष का स्वागत किया। इस मौके पर विधायक लक्ष्मीकांत साउ, भाजपा राज्य समिति के सदस्य सुखमय सत्पथी, जिला अध्यक्ष तूफान महतो सहित पार्टी के कई नेता उपस्थित थे।
अदालत का काम निपटाने के बाद पंचायत मंत्री जिला परिषद पहुंचे। वहां उन्होंने सभाधिपति गौरी ताल्धि और विभिन्न कर्माध्यक्षों के साथ जिले के विकास कार्यों पर बैठक की। बैठक में मंत्री ने सुवर्णरेखा और कंसावती नदियों के कटाव को रोकने के लिए विशेष परियोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना तैयार कर संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी। साथ ही कर्माध्यक्ष कमल महतो ने बताया कि हाथियों की समस्या से निपटने के लिए मंत्री ने VB-G RAM-G योजना के तहत खाई खोदने का निर्देश दिया है।
दूसरी ओर, डेबरा में भाजपा के दो गुटों के संघर्ष में विधायक से मारपीट की घटना पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उनका स्पष्ट कहना था, “कानून से ऊपर कोई नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और संस्कृति के विभिन्न क्षेत्रों में कई घोटालों का दावा किया। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री की भी आलोचना की।
एक ओर पुराने मामले में अदालत में पेशी, और दूसरी ओर जिला परिषद में विकास बैठक तथा राजनीतिक टिप्पणियां—इन सबके बीच मंगलवार को दिलीप घोष के झारग्राम दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा शुरू हो गई है।